What to Do’s and Don’ts to Improve Your EyesightImprove-Your-Eyesight

आज के समय में हम अपने दैनिक दिनचर्या को पूरा करने में व्यस्त रहते हैं, कंप्यूटर और मोबाइल के स्क्रीन के सामने घंटे बिताते हैं या अच्छी किताब में चिपके रहते हैं, हम शायद ही कभी नेत्र चिकित्सक से मिलने के लिए समय निकालते हैं ओ भी ज्यादा परेशानी होने पर, छोटे-मोटे परेसनियों को यों ही नजरअंदाज कर देते है। हालांकि, वहाँ कुछ सरल अभ्यास है कि आप बाहर ले जा सकते हैं कि मुश्किल से ज्यादा समय या प्रयास की आवश्यकता होती है। नेत्र रोग विशेषज्ञ अरुण सेठी सलाह देते हैं, “जब आप काम में होते हैं, तो अपने सिर को ऊपर और नीचे दबाकर अपनी गर्दन का प्रयोग करें, जिससे आपकी गर्दन और आँखों में रक्त परिसंचरण बढ़ता है। इसके अलावा, सूरज को घूरना न करें क्योंकि यह स्थिति हो सकती है |

हमारी आँखें शरीर का सबसे खूबसूरत एवं अनमोल हिस्सा होती हैं। आपको उन्हें काफी स्वस्थ रखना चाहिए तथा उन्हें हमेशा तरोताजा रखने की कोशिश करनी चाहिए की कोई परेशानी नजदीक तक नहीं आयें । आँखें छोटी या बड़ी हो सकती हैं उसका आकार प्राकृतिक होता है | ज्यदाकर धुल, मिट्टी एवं प्रदुषण से होने वाली संक्रमण से अपनी आँखों को बचाकर रखें | यह आपकी ज़िम्मेदारी है कि आप अपने शरीर के अंगों का ख्याल रखें | बचाव हमेशा इलाज से अच्छा होता है। नीचे प्राकृतिक रूप से आँखों की रोशनी वृद्धि करने के कुछ उपाय बताये गए हैं।

नेत्र रोग घरेलू उपचार, एवं आँखों के कुछ व्यायाम

पेंसिल पुश-अप्स :

एक पेंसिल लें और उसके मध्य में क्रॉस (X) निशान बना दें, इसे आँखों से नाक के सामने उस निशान पर फोकस करें अब धीरे धीरे इसे नाक की ओर लायें और फोकस बनाये रखें। इसे तब तक करीब लायें जब तक यह दो भागों में न दिखाई देने लगे, और जैसे ही यह दो भागों में बंटे इसे हटा लें और थोड़ी देर आँखों को खुला छोड़ कर इधर उधर देखें। थोड़ी देर बाद पुनः इसे 4 से 5 बार दोहरायें। यह आँखों की रोशनी बढाने का सर्वोत्तम व्यायाम है।